जब आपका 2 साल का बच्चा नहीं खा रहा हो तो क्या करें?HealthPlanet

Posted on Thu 2nd Mar 2023 : 10:50

क्‍या आपका बच्‍चा भी हर वक्‍त खाने को देखकर मुंह बनाता है? जानिए बच्‍चों को खाना खिलाने के Dos और Don’ts
एक लिस्‍ट बनाएं कि आपके बच्‍चों को क्‍या पसंद है और क्‍या नहीं।
जब बच्‍चा खाना खाने में रुचि नहीं लेता है या बार-बार मना करता है तो ये ईटिंग डिसऑर्डर के लक्षण हो सकते हैं। वैसे तो ईटिंग डिसऑर्डर किसी भी उम्र के व्‍यक्ति को हो सकता है लेकिन टीनेजर में ये समस्‍या काफी कॉमन है।

Parenting Tips: अक्‍सर पेरेंट्स की ये शिकायत रहती है कि उनका बच्‍चा सही से खाता नहीं है। पीडियाट्रिशियन यानि कि बच्‍चों के डॉक्‍टर के पास अक्‍सर टॉडलर्स के पेरेंट्स इस तरह की समस्‍या लेकर जाते हैं कि मेरा बच्चा ठीक से खाता नहीं है, खाना खाते समय बहुत उधम मचाता है, चाहे कुछ भी बना लो बच्‍चा खाने को देखकर मुंह बनाता है, खाना देखकर रोने लगता या खाना खाकर बच्‍चे का उल्टी करने का मन करता है! क्‍या ये फूड एलर्जी के लक्षण हैं या कुछ और बात है? अगर आपका बच्‍चा भी खाना खाने से मना करता है तो इस स्थिति में क्‍या करना चाहिए? क्‍या बच्‍चे को कोई दवा देकर सही किया जा सकता है? क्‍या ये एक बिहेवियर प्रॉब्‍लम है? आइए जानते हैं इन सभी सवालों का जवाब-
ईटिंग डिसऑर्डर हो सकता है कारण

जब बच्‍चा खाना खाने में रुचि नहीं लेता है या बार बार मना करता है तो ये ईटिंग डिसऑर्डर के लक्षण हो सकते हैं। वैसे तो ईटिंग डिसऑर्डर किसी भी उम्र के व्‍यक्ति को हो सकता है लेकिन टीनेजर में ये समस्‍या काफी कॉमन है। यदि इस समस्‍या का समय पर इलाज न किया जाए तो ये कई शारीरिक और मानसिक बीमारियों का कारण बन सकती है। अगर आप अपने बच्‍चे में ये चीज काफी समय से देख रहे हैं तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्‍टर से संपर्क करें। आज हम खाने से मना करने वाले बच्‍चों के लिए कुछ Dos और Don’ts बता रहे हैं, जिनका ध्‍यान रखना पेरेंट्स का काम है।


इन बातों का रखें ध्‍यान- Dos

अगर आपका बच्‍चा खाने से मना कर रहा है तो उसे किसी तरह का लालच न दें।
बच्‍चे का खाने से ध्‍यान भटकाने के लिए उसे कार्टून न दिखाएं।
बच्‍चे को डरा धमकाकर कभी खाना न खिलाएं। अगर वो खाने से मना करते हैं तो एकदम छोड़ दें।
अक्‍सर खाना खाने से मना करने वाले बच्‍चों के भोजन पर ज्‍यादा ध्‍यान न दें। बच्‍चों ये एहसास न दिलाएं कि उनके खाना न खाने से आप प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्‍टर मेहरबान सिंह कहते हैं कि कई जिद्दी बच्‍चे अपने इगो को सेटिस्‍फाइड करने के लिए भी ऐसा कर सकते हैं।

इन चीजों को न करें Don'ts

एक लिस्‍ट बनाएं कि आपके बच्‍चों को क्‍या पसंद है और क्‍या नहीं।
बच्‍चे को खाने के लिए थोड़ा थोड़ा दें। अगर आप एक बार में ही उनकी प्‍लेट भर देंगे तो बच्‍चे खाने से मना करेंगे।
बच्‍चों की प्‍लेट को मजेदार दिखाने के लिए आप प्‍लेट में अलग अलग शेप में फ्रूट और सलाद काटकर डाल सकते हैं।
बच्‍चे को जल्‍दी जल्‍दी खाने के लिए जोर न दें। बच्‍चों को खाना खाने के लिए पूरा टाइम दें।
जब बच्‍चा खुद से खाना खाए तो उसे एप्रिशिएट करे, लेकिन जब बच्‍चा खाने को बर्बाद कर रहा है या टाइम पास कर रहा है तो इसे इग्‍नोर करें।
जब घर के अन्‍य सदस्‍य खाना खाएं तभी बच्‍चे को भी खाना दें। जब पूरी फैमिली डाइनिंग टेबलपर बैठ पर खाना खाए तभी बच्‍चे को भी कुर्सी में बिठाकर खिलाएं।

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